Manali Trip Tips: मनाली भारत के हिमाचल प्रदेश की ब्यास नदी घाटी में बसा एक खूबसूरत हिल स्टेशन है। यहाँ का आकर्षण, वादियां, नज़ारा और सुखद मौसम पर्यटकों को बहुत आकर्षित करता है। मनाली कई साड़ी एडवेंचर एक्टिविटी के लिए भी मशहूर है। मनाली हिमालय के बीच बसा है, जहां से धौलाधार और पीर पंजाल पर्वतमाला जैसी बर्फ से ढकी चोटियों के मनमोहक दृश्य दिखाई देते हैं। सिंधु नदी की एक सहायक नदी ब्यास नदी के किनारे बसा यह पर्यटक स्थल अपनी  खूबसूरती से भारत के साथ-साथ दुनिया के तमाम लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करता है। 

Best Manali tour planning in Hindi from Delhi 

                                    मनाली 

Manali

मनाली दिल्ली से 580 किलोमीटर (193 मील) की दूरी पर उत्तर में हिमाचल प्रदेश राज्य में कुल्लू घाटी के उत्तरी छोर पर है। 

मनाली को दो भागों में बांटा गया है - मनाली शहर (नया मनाली) और पुराना मनाली। नु मनाली में भीड़भाड़ रहती है। यहाँ अक्सर हनीमून मनाने वाले और परिवार वाले बड़ी संख्या में घूमने आते हैं। यह जगह शोरगुल और अव्यवस्थित है। लेकिन पुरानी मनाली बहुत शांत और प्रकृति की गोद में बसी है। विदेशी और मेट्रो शहरों के लोग पुरानी मनाली घूमना ही ज्यादा पसंद करते हैं।

मनाली कैसे पहुंचें (How to reach Manali )

आपके बजट और पसंद के आधार पर दिल्ली से मनाली पहुंचने के कई रास्ते हैं। नीचे यात्रा के तीनों माध्यमों से बताया गया है कि मनाली कैसे पहुंचा जा सकता है। 

हवाईजहाज से:

यह मनाली पहुंचने का सबसे तेज़ तरीका है। निकटतम हवाई अड्डा कुल्लू मनाली हवाई अड्डा (भुंतर) है, जो मनाली से लगभग 50 किमी दूर है। दिल्ली या चंडीगढ़ होते हुए कुल्लू मनाली हवाई अड्डे के लिए कनेक्टिंग उड़ानें मौजूद हैं। भुंतर एयरपोर्ट पहुँचने पर आप मनाली के लिए कैब या टैक्सी किराए पर बुक कर सकते हैं।

कुल्लू मनाली हवाई अड्डा (भुंतर)

Bhuntar Airpor

                                                                  Bhuntar Airport View

यात्रा का समय: यह सबसे तेज़ विकल्प है। दिल्ली से अगर जाते हैं तो फ्लाइट में लगभग 2.5 घंटे और कनेक्टिंग फ़्लाइट और ज़मीनी परिवहन का समय (लगभग 2 से 3 घंटे) लगते है।

ट्रेन से:

ट्रेन से जाना काफी सस्ता पड़ता है लेकिन इसमें फ्लाइट की तुलना में ज्यादा समय लगता है। मनाली के सबसे नजदीक रेलवे स्टेशन पठानकोट जंक्शन रेलवे स्टेशन (पीटीकेटी) है। यह मनाली से लगभग 290 किमी दूर स्थित है। आप पठानकोट पहुँचने पर वहां से मनाली के लिए टैक्सी ले सकते हैं या मनाली के लिए लोकल बस भी पकड़ सकते हैं।

यात्रा समय: ट्रेन के माध्यम से मनाली पहुँचने में आपको ज्यादा समय लग सकता है। ट्रेन यात्रा में लगभग 24-28 घंटे लगते हैं, साथ ही पठानकोट से पहुँचने में भी कई घंटे लगते हैं।

सड़क द्वारा:

यह उन लोगों के लिए एक बढ़िया विकल्प है जो सड़क यात्राओं का आनंद लेते हैं और रास्ते में हिमालय की सुंदरता को देखते हुए जाना चाहते हैं। 

बस से:

यात्रा का यह माध्यम सबसे ज्यादा बजट-फ्रेंडली होता है। कई सरकारी और प्राइवेट बस ऑपरेटर दिल्ली से मनाली तक बसें चलते हैं। दिल्ली से मनाली पहुँचने में 12 से 15 घंटे लग सकते हैं। 
 

मनाली घूमने का सबसे अच्छा समय क्या है (Best time to visit Manali)

मार्च से जून का महीना मनाली घूमने का सबसे अच्छा महीना माना जाता है। उत्तर भारत इस दौरान चिलचिलाती गर्मी से लोग परेशान रहते हैं इसलिए इस समय में मनाली में बहुत भीड़ भी देखने को मिलती है। गर्मी में भी यहाँ का तापमान 10°C से 25°C तक होता है। इस समय में पैराग्लाइडिंग और ट्रैकिंग जैसी एडवेंचर गतिविधियों और जीवंत वातावरण का आनंद लेने के लिए यह समय आदर्श होता है। डूंगरी वन महोत्सव जैसे कई त्यौहार इस दौरान आयोजित किये जाते हैं।

मनाली में कहाँ ठहरें (Where to stay in Manali)

Old Manali village

अगर आपका मन फिजूलखर्ची करने का है, तो मनाली में शांत पहाड़ी परिवेश के साथ कुछ अद्भुत लक्जरी रिसॉर्ट हैं। मनाली शहर से ऊपर की ओर ओल्ड मनाली में गाँव के घर और सस्ते गेस्टहाउस हैं, जो सेब के बगीचों और बर्फ से ढकी चोटियों से घिरे हैं। अगर आप भीड़ से दूर जाना चाहते हैं तो वहां जाएं। ओल्ड मनाली के ये गेस्टहाउस और होटल ठहरने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से हैं।


मनाली में घूमने लायक जगहें (Tourist Places in Manali)

मनाली में घूमने के लिए वैसे तो बहुत जगहें हैं। यह आप पर निर्भर करता है कि आप अपने उद्देश्य के अनुसार कौन सी जगह घूमना चाहते हैं। 

आध्यात्मिक रूप से इच्छुक लोगों के लिए:

हिडिम्बा देवी मंदिर: 16वीं शताब्दी का यह लकड़ी का मंदिर महाभारत महाकाव्य के पांडु की पत्नी हिडिम्बा देवी को समर्पित है। यह मंदिर स्थानीय वास्तुकला का एक सुंदर उदाहरण है। यह मंदिर चार मंजिला पैगोडा शैली की संरचना देवदार के पेड़ों से घिरी हुई है। मंदिर के अंदर फोटोग्राफी की अनुमति नहीं है। अगर आप भक्त हैं या आध्यात्मिक विचारों वाले आदमी है और मनाली आये हुए हैं तो इस जगह को घूमना न भूलें। 


एडवेंचर के शौकीनों के लिए 

Solang Valley view.

सोलंग वैली: सोलंग वैली एडवेंचर के शौकीनों के लिए स्वर्ग है। यहाँ सर्दियों के दौरान पैराग्लाइडिंग, ज़ोरबिंग, जिपलाइनिंग, माउंटेन बाइकिंग और स्कीइंग की फैसिलिटी मिलती है। अगर एडवेंचर का लुत्फ़ लेना चाहते हैं तो सोलंग वैली आपके लिए उपयुक्त स्थान है। गर्मियों के महीनों में आप जंगली फूलों से भरपूर खूबसूरत घास के मैदानों और आसपास के पहाड़ों के शानदार दृश्यों का आनंद ले सकते हैं।

प्रकृति प्रेमियों के लिए 

Rohtang Darra Pass

रोहतांग दर्रा: 3,978 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह दर्रा प्रकृति प्रेमियों के लायक है। रोहतांग दर्रे की यात्रा अपने आप में एक साहसिक कार्य है। यहाँ से पीर पंजाल और हिमालय पर्वतमाला के अद्भुत दृश्य दिखाई देते हैं। गर्मियों के दौरान यह क्षेत्र जीवंत जंगली फूलों से ढका रहता है, जबकि सर्दियों में बर्फ की मोटी चादर पड़ी रहती है। ध्यान रखें कि पर्यावरण संबंधी चिंताओं के कारण रोहतांग दर्रे की सड़क पर वाहनों की संख्या पर प्रतिबंध है।  इस दर्परे पर आने जाने के लिए परमिट की आवश्यकता होती है, और उन्हें पहले से बुक करने की सलाह दी जाती है, खासकर पीक सीजन के दौरान।


आराम फरमाने वालों के लिए 

Vashish Valley Manali View

वशिष्ठ: मनाली में खूबसूरत नजारों के बीच बसा यह छोटा सा गांव अपने प्राकृतिक गर्म पानी के झरनों के लिए मशहूर है। किंवदंती है कि ऋषि वशिष्ठ ने यहां तपस्या की थी। पर्यटक यहां गर्म पानी के झरनों में डुबकी लगाने के लिए आते हैं। इस गर्म पानी के बारे में मान्यता है कि इसमें चिकित्सीय गुण होते हैं। यहां भगवान राम को समर्पित एक मंदिर भी है।

पुरानी मनाली / ओल्ड मनाली:  

Old Manali View

मनाली के जो मशहूर पर्यटन स्थल हैं वहां पर भीड़ देखने को मिल सकती है लेकिन ओल्ड मनाली ज्यादा आरामदायक माहौल प्रदान करता है। यहां आपको गेस्टहाउस, बोहेमियन वाइब वाले कैफे और तिब्बती हस्तशिल्प बेचने वाली दुकानें मिलेंगी। ओल्ड मनाली आराम करने और स्थानीय वातावरण में डूबने के लिए एक शानदार जगह है। नए क्षेत्रों की तुलना में संकरी गलियों और अधिक देहाती अनुभव के लिए ओल्ड मनाली जरूर घूमें। 

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मनाली जाने से पहले जान ले कुछ चीजें:

 

मौसम ख़राब होने पर पैराग्लाइडिंग जैसे एडवेंचर्स खेल ऐन मौके पर बंद किये जा सकते हैं। इसलिए कैंसिलेशन फीस, और अन्य विवरणों की जांच प्रमुख ऑपरेटरों से करना सुनिश्चित करें।
12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को एडवेंचर एक्टिविटी करने की अनुमति नहीं है।
भारी बर्फबारी के कारण रोहतांग दर्रा नवंबर से अप्रैल तक बंद रहता है।
आपको सेथन वैली में प्रवेश करने के लिए परमिट की आवश्यकता होगी, जो कि प्रिनी में हाइड्रो प्रोजेक्ट चेक पोस्ट पर 100 रुपये में उपलब्ध है।
पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे मानसून (जून से अगस्त) के दौरान मौसम की स्थिति की जाँच करें क्योंकि इस दौरान यहाँ पर भूस्खलन बहुत ज्यादा होता है।


मनाली जाने वालों के कुछ आम प्रश्न:


प्रश्न: मनाली घूमने का कितना खर्चा आएगा?
उत्तर:
मनाली घूमने में लगने वाला खर्चा आपके द्वारा की जाने वाली एक्टिविटी और आपकी बारगेनिंग पॉवर पर निर्भर करती है। मनाली तक पहुँचने में आपको  2 से 3 हजार का खर्च लग सकता है। इसके बाद आप वहां कैसी जगह पर रहते हैं, क्या खाते हैं, क्या करते हैं इन चीजों पर निर्भर करता है कि आपका खर्चा कितना आयेगा। औसत तौर पर मनाली 4 दिन घूमने का खर्चा 12 से 15 हजार रूपये आता है। 


प्रश्न: मनाली में कितने दिन का टूर 
उत्तर:
अगर आप मनाली विधिवत घूमना चाहते हैं तो आपको कम से कम 4 दिन मनाली में देना पड़ेगा। अगर आप दिल्ली से जा रहे हैं तो दो दिन आप आने जाने में मान लीजिये। मतलब कुल मिलाकर 6 दिन में मनाली घूम पायेंगे। 


प्रश्न: मनाली घूमने के लिए सबसे बढ़िया समय कौन सा होता है?
उत्तर:
मनाली घूमने का सबसे अच्छा समय मार्च से लेकर जून होता है। क्योंकि जून के बाद मानसून आ जाता है इसलिए बारिश के समय में पहाड़ों पर सैर करना सुरक्षित नहीं माना जाता है। गर्मी में ही मनाली घूमना सबसे अच्छा माना जाता है। 

प्रश्न: कम बजट में मनाली कैसे पहुंचें?
उत्तर:
कम बजट में मनाली पहुँचने के लिए आप सरकारी बस या ट्रेन का सहारा ले सकते हैं। इसके अलावा जहाँ भी आप घूमने जाएँ तो शेयरिंग में गाड़ी पकड़ें। 

प्रश्न:  मनाली में कौन सी नदी बहती है?
उत्तर:
मनाली में ब्यास नदी बहती है।

प्रश्न: मनाली की प्रसिद्द चीज क्या है?
उत्तर:
सोलांग वैली, हिडिम्बा मंदिर, रोहतांग दर्रा, वशिष्ठ वैली, ओल्ड मनाली, मनाली गोम्पा, नेहरू कुंड, ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क, जोगिनी वॉटरफॉल, पार्वती वैली, बौद्ध मठ आदि। 

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