इस साल के अंत तक भारत में सोशल मीडिया (Social Media) यूजर्स की संख्या सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 30 करोड़ 36 के करीब पहुंच जाएंगी और यह अपने आप में ही एक बड़ा नंबर होगा।

जिस तरीके भारत में सोशल मीडिया, खासकर फेसबुक (Facebook) का इस्तेमाल बढ़ा उससे लोगों को घर बैठ काफी सुविधा मिली है।

मगर क्या आप जानते हैं यह एक लत है, नई सिगरेट और आपको आलसी बना रही है।

नशीले पदार्थ का सेवन बढ़ा सकता है फेसबुक: रिसर्च

facebook addiction

'Timesunion.com' नाम की एक वेबसाइट पर एक रिसर्च छपा है और इस रिसर्च को लेकर रिसर्चर ने कहा है, जिन युवाओं ने  इस रिसर्च में भाग लिया, वे सोशल मीडिया की लत के शिकार थे और जब उन्हें फेसबुक से दूर रखा।

इसके बाद सोशल साइट का उपयोग करने की समयसीमा के अंतर को बढ़ाया गया तो युवा चिड़चिड़े हो गए। 

इस रिसर्च में यह भी सामने आया है कि रिसर्च में हिस्सा लेने वाले लोग अपने गुस्से पर नियंत्रण पाने की समस्या से भी ग्रस्त थे और यह नशीले पदार्थों के सेवन को बढ़ा सकता है।

अल्बानी विश्वविद्यालय की मनोविज्ञानी जुलिया होर्मेस ने यह रिसर्च किया। इसमें 18 वर्ष से अधिक उम्र के 292 छात्र शामिल थे। इसमें से 90 फीसदी छात्र सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं।

सोशल मीडिया के इस्तेमाल से कम नंबर आते हैं: रिसर्च

facebook addiction

शैक्षणिक परिक्षाओं में सोशल मीडिया के प्रभाव से छात्रों के कम नंबर आते हैं, इसका खुलासा एक रिसर्च में हुआ है।

दरअसल, 'computers and education' की वेबसाइट पर एक लेख छपा जिसके मुताबिक, विश्वविद्यालय में पहले वर्ष के छात्र सोशल मीडिया पर कितना समय व्यतीत करते हैं और

इसका उनके परीक्षा अंको पर कितना असर पड़ा। 19 साल की उम्र के लगभग 500 छात्रों ने इस अध्ययन में भाग लिया है।

'computers and education' की वेबसाइट पर छपे एक लेख के मुताबिक, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी सिडनी (यूटीएस) की रिसर्च से पता चला है कि उच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र फेसबुक पर बिताए समय की मात्रा से प्रभावित नहीं होते।

जबकि औसत से कम क्षमता वाले छात्रों के ग्रेड पर फेसबुक इस्तेमाल करने का असर साफ देखा गया। ये सभी छात्र एक ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालय में प्रथम वर्ष के छात्र थे।

सोशल मीडिया से हो रहा है डिप्रेशन

facebook addiction

यूरोपीय महाद्वीप के हंगरी देश में सोशल मीडिया एडिक्शन पता लगाने के लिए 'सोशल मीडिया एडिक्शन स्केल' नाम से एक पैमाने बनाया है,

जिसके ज़रिए यह पता लगाया जाता है कि किसे सोशल मीडिया की कितनी लत है। इस स्केल से पता चला है कि हंगली के 4.5 फीसदी नागरिकों को सोशल मीडिया की लत पड़ गई है।

ये नागरिक डिप्रेशन का भी शिकार हो चुके हैं। 

सॉफ्टवेयर कंपनी सेल्सफोर्स के निदेशक मार्क बेनिऑफ ने हाल ही में सोशल मीडिया साइट फेसबुक को लेकर एक चिंता जताई है।

उन्होंने कहा है, ''आप देख सकते हैं कि फेसबुक समाज में एक सिगरेट की तरह घातक है। इसके लिए दिशा-निर्देश तय करना आवश्यक है।''


 

You Might Also Like