सर्दी के इस सीजन में टेस्टी और हेल्दी फूड, वेजिटेबल खाना स्वास्थ्य के लिए कई प्रकार से लाभदायक होता है। सर्दी के इस सीजन में मटर सबसे अधिक खाने में प्रयोग की जाती है। मटर को किसी अन्य सब्जी के साथ मिक्स करके खाने से उसका और ज्यादा टेस्ट मिलता है। परन्तु यूरिक एसिड के पेशेंट को हरी मटर की सब्जी खाने से बचना चाहिए हरी मटर खाने से ह्यूमन बॉडी में यूरिक एसिड की मात्रा में वृद्धि होने लगती है, यूरिक एसिड की वृद्धि होने की एक मात्र वजह संतुलित आहार की कमी का होना।

 

प्रोटीन युक्त आहार को ज्यादा खाने से उनके शरीर में  यूरिक एसिड की मात्रा में वृद्धि होने लगती है इस वजह से व्यक्ति को दिक्कत होनी शुरू हो जाती है।
बॉडी में यूरिक एसिड को नियंत्रण में रखना बेहद आवश्यक है। यूरिक एसिड को नियंत्रण में नही रखने पर ह्यूमन बॉडी में शुगर, अर्थराइटिस या गुर्दे  की पथरी जैसी ढेर सारी बीमारियों के चपेट में आने की संभावना  बनी रहती है।

 चलिये जानते है कि हरी मटर अधिक खाने से किस प्रकार से यूरिक एसिड के पेशेंट को नुकसान पहुंचाती है। कौन-कौन सी चीजें यूरिक एसिड के मरीजों को अनदेखा करना चाहिए उनको खाने से परहेज करना चाहिए।
 

  

  
हरी मटर प्यूरीन की अच्छी स्रोत है-

प्यूरीन की अधिकता हरी मटर में मिलती है, प्यूरीन हरी मटर में सबसे ज्यादा पायी जाती है। जो यूरिक एसिड के पेशेंट के लिए बहुत हानिकारक होती है। हरी मटर में प्यूरीन के साथ-साथ प्रोटीन की भी अधिकता होती है जिसकी वजह से जोड़ो में दर्द और सूजन की वजह से परेशानी होने लगती है।

 इसी वजह से यूरिक एसिड के पेशेंट को हरी मटर के सेवन से बचना चाहिए।

 
परहेज करें इन चीजों से-

यूरिक एसिड के मरीजों को प्रोटीन की अधिकता वाली चीजों के सेवन से बचना चाहिए। दही में प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है जो कि यूरिक एसिड के पेशेंट के लिए हानिकारक होती है।

दही में मिलने वाले ट्रांस फैट बॉडी में यूरिक एसिड के स्तर में वृद्धि कर देंते है इसी वजह से यूरिक एसिड के पेशेंट को दही खाने से बचना चाहिए।


दाल और दूध-

रात्रि में सोने के वक्त दूध या दाल खाने से बचना चाहिए रात्रि में इनको खाने में शामिल करना बॉडी के लिए नुकसानदेह हो सकता है। रात्रि के खाने में इनको शामिल करने  से बॉडी में यूरिक एसिड अधिक मात्रा में  एकत्र होने लगती है। यूरिक एसिड के पेशेंट छिलके वाली दाल खाने से बचें क्योंकि यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने पर बॉडी में दर्द भी बढ़ने लगता है।

  


मांस-मछली-

मांस मछली में भी प्यूरीन प्रचुर मात्रा में पायी जाती है। इसको खाने की वजह से यूरिक एसिड के मरीज की दिक्कत बढ़ सकती है। दर्द बढ़ने के साथ ही अर्थराइटिस होने की भी पूरी सम्भावना रहती है इसलिए मांस-मछली खाने से बचें।

शर्करा युक्त पेय पदार्थ-

शर्करा युक्त पेय पदार्थ को यूरिक एसिड के पेशेंट को पीने से बचना चाहिए। ऐसे पेय पदार्थ में शर्करा की मात्रा अधिक होती है ऐसे पेय पदार्थो के सेवन बॉडी में यूरिक एसिड बढ़ जाता है। यूरिक एसिड के पेशेंट को अधिक फ्रक्टोज वाले खाद्य पदार्थो को खाने से परहेज करना चाहिए।


Note-इस आर्टिकल में दी गयी सलाह मात्र सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है आहार में किसी भी प्रकार के बदलाव करने से पहले चिकित्सक या फूड स्पेशलिस्ट से सलाह मशविरा जरूर लें।

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